Significance Of Rudraksha

Rudraksha Significance:
courtesy:Hinduism the forgotten facts

Rudraksha is one of the most important things for the devotees of Lord Shiva. The word Rudraksha means the eye of Lord rudra (Rudraksha – rudra + aksha). The Rudraksha beads are worn by the Lord and Its devotees. rudraxa beads proven to have very good positive effect in one who wears it properly is spiritually quite significant.

Puranic Importance of Rudraksham

On the request of the divines Lord Shiva burnt the three daemon forts called tripurasura who were into disruptive activities. God burnt them without even a weapon just by the smile itself ! Three daemons in those forts who were good and devotees of the Lord came out without any harm by the Lord’s Grace ! At this point of time fromt he Three eyes of the Lord Rudra has came out. Since it came from the aksha (eye) of Lord rudra (a role played by the Supreme Shiva), it is called rudraksha.

Glory of Rudraksha

Skanda puranam (3) details the glory of this great ornament.
“Hearing or reading the glory of Rudraksham can drive away the sins of anybody. Be devoted or not, scholar or illiterate, whomsoever it be one who wears the rudrraksa will surely get rid of all the bad deeds. Philosophers call this as mahavrta. There is no deed more virtuous than wearing rudrAxa. One who gets adorned in a sincere and proper way with thousand rudrakshas, all the divines will salute that person. If thousands are not available sixteen each in both the hands, one at the head top, each hand twelve, in the neck thirty-two, six each in the ears shall be worn. One who wears like that is worshipped by others as if they are Lord Rudra. One who wears rudrakshas with pearl, ruby, Spatikam crystals, silver, gold, vaidurya (lapis lazuli), that person is Rudra Himself ! One who wears the emblem of Lord Rudra, the Rudraksham, them the sins do not approach as the darkness cannot approach the sun. The chanting (japa) with rudraksha mala will yield lots of good result. The japa done without that will give the fruit only to the extent of its own glory. Thus very virtuous rudraksha is not worn by anybody, their life gets wasted like that of the one who does not wear Holy Ash (2). The wise who keeps the rudraksha at the head and bathes, gets the benefits of bathing in Ganges, this is beyond doubt. Such rudrakshas even if only one beed is worn that person gets rid of the sin did in many births. One who anoints rudraksa gets the benefit of anointing Shiva linga (1). One, five and fourteen faced rudrakshas are adorable in all the worlds. Human who worships rudraksha, even if he/she is very poor, will get all the wealth.”

Skanda purana also refers to many stories that tell the glory of adorning one with Sri Rudraksham.
How to wear Rudrakshas

Rudrakshas are very Holy. One should wear them with respect and maintain their sanctity. Various ways are suggested by the scriptures on adorning oneself with them. Some of them are:
Adorning with thousand rudrakshas.
26 beeds on head, 50 over the chest, 14 on the shoulders, 12 on the wrist.
16 each in both the hands, 1 at the head top, 12 in each hands, 32 in the neck, 6 each in the ears.
Garlands of 108, 50, 27 are boon full.
A single bead.

Different Types of RudrAksas

Rudrakshas are in three colours. Tawny reddish (Kapila) color represent sun (Surya), white represent moon (Chandra) and black represent fire (Agni) eyes of the Lord from which they originated.
Rudrakshas come with different number of faces. Though all Rudrakshas are emblems of the Lord Shiva, each type has its additional significance. Some of them are given here.
one face – Shiva svarupa
two – devadevi (Shiva shakti)
three – agni
four – brahma
five – Kaala agni
six – Skanda
seven – Madan Mohan
eight – Ganesh
nine – Bhairava
ten – Vishnu
eleven – Ekadasharudra
twelve – dvadashaditya
thirteen – Shanmukha
fourteen – Lord Shiva

More details on Rudraksham
Trees giving Rudraksa beads grow in the Himalayan regions of India and Nepal. Experienced do tests to confirm the originality of the Rudraksha beads.

Benefits Of Gourd


दोस्तो अमेरिका की बड़ी बड़ी कंपनिया जो दवाइया भारत मे बेच रही है ! वो अमेरिका मे 20 -20 साल से बंद है ! आपको जो अमेरिका की सबसे खतरनाक दवा दी जा रही है ! वो आज कल दिल के रोगी (heart patient) को सबसे दी जा रही है !! भगवान न करे कि आपको कभी जिंदगी मे heart attack आए !लेकिन अगर आ गया तो आप जाएँगे डाक्टर के पास !

और आपको मालूम ही है एक angioplasty आपरेशन आपका होता है ! angioplasty आपरेशन मे डाक्टर दिल की नली मे एक spring डालते हैं ! उसको stent कहते हैं ! और ये stent अमेरिका से आता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डालर का है ! और यहाँ लाकर वो 3 से 5 लाख रुपए मे बेचते है और ऐसे लूटते हैं आपको !

और एक बार attack मे एक stent डालेंगे ! दूसरी बार दूसरा डालेंगे ! डाक्टर को commission है इसलिए वे बार बार कहता हैं angioplasty करवाओ angioplasty करवाओ !! इस लिए कभी मत करवाए !

तो फिर आप बोलेंगे हम क्या करे ????!

आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करे बहुत बहुत ही सरल है ! पहले आप एक बात जान ली जिये ! angioplasty आपरेशन कभी किसी का सफल नहीं होता !! क्यूंकि डाक्टर जो spring दिल की नली मे डालता है !! वो spring बिलकुल pen के spring की तरह होता है ! और कुछ दिन बाद उस spring की दोनों side आगे और पीछे फिर blockage जमा होनी शुरू हो जाएगी ! और फिर दूसरा attack आता है ! और डाक्टर आपको फिर कहता है ! angioplasty आपरेशन करवाओ ! और इस तरह आपके लाखो रूपये लूटता है और आपकी ज़िंदगी इसी मे निकाल जाती है ! ! !

अब पढ़िये इसका आयुर्वेदिक इलाज !!
हमारे देश भारत मे 3000 साल एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी !!
उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!! और इस पुस्तक मे उन्होने ने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे ! ये उनमे से ही एक सूत्र है !!

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हरद्य को घात हो रहा है ! मतलब दिल की नलियो मे blockage होना शुरू हो रहा है ! तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity(अमलता ) बढ़ी हुई है !

अमलता आप समझते है ! जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!

अमलता दो तरह की होती है !
एक होती है पेट कि अमलता ! और एक होती है रक्त (blood) की अमलता !!
आपके पेट मे अमलता जब बढ़ती है ! तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है !! खट्टी खट्टी डकार आ रही है ! मुंह से पानी निकाल रहा है ! और अगर ये अमलता (acidity)और बढ़ जाये ! तो hyperacidity होगी ! और यही पेट की अमलता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अमलता(blood acidity) होती !!
और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अमलीय रकत (blood) दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता ! और नलिया मे blockage कर देता है ! तभी heart attack होता है !! इसके बिना heart attack नहीं होता !! और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं ! क्यूंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!
इलाज क्या है ??
वागबट जी लिखते है कि जब रकत (blood) मे अमलता (acidty) बढ़ गई है ! तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय है !
आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !
अमलीय और छारीय !!
(acid and alkaline )
अब अमल और छार को मिला दो तो क्या होता है ! ?????
((acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है )?????
neutral होता है सब जानते है !!
तो वागबट जी लिखते है ! कि रक्त कि अमलता बढ़ी हुई है तो छारीय(alkaline) चीजे खाओ ! तो रकत की अमलता (acidity) neutral हो जाएगी !!! और रक्त मे अमलता neutral हो गई ! तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं !! ये है सारी कहानी !!

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो छारीय है और हम खाये ?????

आपके रसोई घर मे सुबह से शाम तक ऐसी बहुत सी चीजे है जो छारीय है ! जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए ! और अगर आ गया है ! तो दुबारा न आए !!
सबसे ज्यादा आपके घर मे छारीय चीज है वह है लोकी !! जिसे दुदी भी कहते है !! english मे इसे कहते है bottle gourd !!! जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है ! इससे ज्यादा कोई छारीय चीज ही नहीं है ! तो आप रोज लोकी का रस निकाल-निकाल कर पियो !! या कच्ची लोकी खायो !!

स्वामी रामदेव जी को आपने कई बार कहते सुना होगा लोकी का जूस पीयों- लोकी का जूस पीयों !
3 लाख से ज्यादा लोगो को उन्होने ठीक कर दिया लोकी का जूस पिला पिला कर !! और उसमे हजारो डाक्टर है ! जिनको खुद heart attack होने वाला था !! वो वहाँ जाते है लोकी का रस पी पी कर आते है !! 3 महीने 4 महीने लोकी का रस पीकर वापिस आते है आकर फिर clinic पर बैठ जाते है
वो बताते नहीं हम कहाँ गए थे ! वो कहते है हम न्योर्क गए थे हम जर्मनी गए थे आपरेशन करवाने ! वो राम देव जी के यहाँ गए थे ! और 3 महीने लोकी का रस पीकर आए है ! आकर फिर clinic मे आपरेशन करने लग गए है ! और वो इतने हरामखोर है आपको नहीं बताते कि आप भी लोकी का रस पियो !!
तो मित्रो जो ये रामदेव जी बताते है वे भी वागवट जी के आधार पर ही बताते है !! वागवतट जी कहते है रकत की अमलता कम करने की सबे ज्यादा ताकत लोकी मे ही है ! तो आप लोकी के रस का सेवन करे !!
कितना करे ?????????
रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो !!
कब पिये ??

सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते है !!
या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते है !!
इस लोकी के रस को आप और ज्यादा छारीय बना सकते है ! इसमे 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लो
तुलसी बहुत छारीय है !! इसके साथ आप पुदीने से 7 से 10 पत्ते मिला सकते है ! पुदीना बहुत छारीय है ! इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले ! ये भी बहुत छारीय है !!
लेकिन याद रखे नमक काला या सेंधा ही डाले ! वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले !! ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है !!!!

तो मित्रो आप इस लोकी के जूस का सेवन जरूर करे !! 2 से 3 महीने आपकी सारी heart की blockage ठीक कर देगा !! 21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा !!!

कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी !! घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा !! और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे !!

और पैसे बच जाये ! तो किसी गौशाला मे दान कर दे ! डाक्टर को देने से अच्छा है !किसी गौशाला दान दे !! हमारी गौ माता बचेगी तो भारत बचेगा !!

Remedies Using Heeng

हींग से करें घरेलू उपचार ———

* दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएँ। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।

* यदि शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वतः निकल आएगा।

* हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है। दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।

* हींग का लेप बवासीर, तिल्ली में लाभप्रद है।

* कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोड़ा मिलाकर रात्रि को फांक लें, सबेरे शौच साफ होगा।

* पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।

* पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।

* जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।

* प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।

* मासिक धर्म के दौरान होने वाली परेशानियां जैसे पेट में दर्द और मरोड़ या अनियमित मासिक धर्म में हींग का सेवन करने से फायदे होते हैं। यह औषधि कैंडिडा संक्रमण और ल्यूकोरहोइया से भी छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होता है।

* सूखी खांसी, अस्थमा, काली खांसी के लिए हींग और अदरक में शहद मिलाकर लेने से काफी आराम मिलता है।

* हींग की मदद से शरीर में ज्यादा इन्सुलिन बनता है और ब्लड शुगर का स्तर नीचे गिरता है। ब्लड शुगर के स्तर को घटाने के लिए हींग में पका कड़वा कद्दू खाना चाहिए।

* हींग में कोउमारिन होता है जो खून को पतला करने में मदद करता है और इसे जमने से रोकता है। हींग बढ़े हुए ट्राइग्लीसेराइड और कोलेस्ट्रोल को कम करता है और उच्च रक्तचाप को भी घटाता है।

* यह औषधि विचार शक्ति को बढ़ाती है और इसलिए उन्माद, ऐंठन और दिमाग में खून की कमी से बेहोशी जैसे लक्षण से बचने के लिए भी हींग खाने की सलाह दी जाती है।

* अफीम के असर को कम करने में हींग मदद करता है। इसलिए इसे विषहरण औषधि भी कहा जाता है।

* शोध के अनुसार हींग में वह शक्ति होती है जो कर्क (कैंसर) रोग को बढ़ावा देने वाले सेल को पनपने से रोकता है।

Plant Trees Save Electricity

Save Money

If you plant trees in and around your houses rather than keeping the place open you will save a lot on electricity and  will help save the environment as well. When you plant trees around your house, you prevent the sunlight to directly come on your house and thereby making the temperature lower in your house and thus reducing the need for air conditioning. When lower air conditioning is needed the lesser will be your power consumption.

So when you plant trees in and around your house you save the planet in 2 ways:

1) Trees generate oxygen which will save the plant and coming generations.

2) Trees make the air-conditioning need less which saves power which in return save the environment and your money as well.


So save trees plant trees love trees as they are your best friends and do work for you 24/7 without asking anything in return.

Interesting Facts About Narendra Modi

1965 में जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ तो नरेंद्र मोदी करीब 15 साल के थे. उन दिनों वो सुबह ही अपनी टोली के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच जाते और वहां से होकर गुजरने वाले सैनिकों की सेवा में जुट जाते थे. इसी तरह 1967 में जब गुजरात में भयंकर बाढ़ आई तो नरेंद्र मोदी अपने साथियों के साथ बाढ़ पीड़ितों की मदद और सेवा में कूद पड़े.

-बंद कर दिया था नमक और तेल खाना

आरएसएस से जुड़ने के बाद नरेंद्र मोदी ने नमक और तेल खाना बंद कर दिया था. इससे उनकी मां और भाई प्रह्लाद मोदी डर गए कि कहीं नरेंद्र मोदी फिर से साधु बनने तो नहीं जा रहे हैं.

नरेंद्र मोदी बचपन से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे. 1958 में दीपावली के दिन गुजरात आरएसएस के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार उर्फ वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलवाई थी. मोदी आरएसएस की शाखाओं में जाने लगे. लेकिन जब मोदी ने चाय की दुकान खोली तो शाखाओं में उनका आना जाना कम हो गया.

-प्रचारकों के लिए चाय-नाश्ता बनाते थे मोदी

नरेंद्र मोदी की जीवनी लिखने वाले लेखक एमवी कामथ के मुताबिक गुजरात आरएसएस के दफ्तर हेडगेवार भवन में सुबह नरेंद्र मोदी प्रचारकों के लिए चाय नाश्ता बनाते थे. इसके बाद हेडगेवार भवन के सारे कमरों की सफाई में जुट जाते थे. आठ नौ कमरों की सफाई के बाद अपने और वकील साहब के कपड़े धोने की बारी आती थी.

-मोदी थे मेहनती कार्यकर्ता

नरेंद्र मोदी बहुत मेहनती कार्यकर्ता थे. आरएसएस के बड़े शिविरों के आयोजन में वो अपने मैनेजमेंट का कमाल भी दिखाते थे. आरएसएस नेताओं का ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास होता था. इतना ही नहीं गुजरात के हेडगेवार भवन में आने वाली हर चिट्ठी को खोलने का काम भी नरेंद्र मोदी को ही करना होता था.

नरेंद्र मोदी का मैनेजमेंट और उनके काम करने के तरीके को देखने के बाद आरएसएस में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला लिया गया. इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय कार्यालय नागपुर में एक महीने के विशेष ट्रेनिंग कैंप में बुलाया गया.

आरएसएस के नागपुर मुख्यालय में ट्रेनिंग लेकर नरेंद्र मोदी गुजरात आरएसएस प्रचारक बनकर लौटे. आरएसएस ने नरेंद्र मोदी को गुजरात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रभारी बना दिया. 1975 में इमरजेंसी के दौरान भी नरेंद्र मोदी के पास यही भूमिका थी.

इमरजेंसी के दौरान नरेंद्र मोदी ने अपने आज के सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मन शंकर सिंह बाघेला के साथ मिलकर गुजरात बीजेपी के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम किया किया और मज़बूत कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की. उन दिनों शंकर सिंह बाघेला जनता के प्रिय नेता थे और मोदी को बेहतरीन रणनीति बनाने के लिए जाना जाता था.

-शुरू से थे थोड़े मनमाने

नरेंद्र मोदी शुरू से ही थोड़े मनमाने थे. उनके पुराने साथी बताते हैं कि मोदी रात में देर से सोने के चलते अक्सर संघ की सुबह की शाखा के लिए लेट हो जाया करते थे और जब सभी कार्यकर्ता फुल स्लीव कुर्ता पहनते तो नरेंद्र मोदी हाफ स्लीव का कुर्ता पहनते थे. जब सभी कार्यकर्ता खाकी नेकर पहनते तो मोदी सफेद रंग का नेकर पहनकर आते थे.

-स्टाइल था जुदा

नरेंद्र मोदी की स्टाइल सारे प्रचारकों से जुदा थी. वो दाढ़ी रखते थे और ट्रिम भी करवाते थे. एक बार आरएसएस के तब के अध्यक्ष माधवराव गोलवलकर ने सबके सामने मोदी से दाढ़ी ट्रिम किए जाने की वजह भी पूछी थी.

इमरजेंसी के दिनों में मोदी ने गुजरात में कई भाषाओं में लाखों की तादाद में संघ की विचारधारा को दर्शाने वाले पर्चे और पोस्टर छपवाए और पूरे देश में बेहद गुप्त तरीके से संघ के दफ्तरों तक पहुंचाने का काम किया.

इमरजेंसी के दौरान ही मोदी को विश्व हिंदू परिषद की एक सभा के संचालन की जिम्मेदारी दी गई. चंदे के तौर पर एक बड़ी रकम वहां इकट्ठा हुई और तमाम विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को उस रकम की चिंता हो रही थी. मोदी ने उसी वक्त जमीन में एक गड्ढा खोदकर उसमें वो सारी रकम दबा दी और खुद अपना गद्दा उसके ऊपर बिछा कर लेट गए.

सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा में बड़ी भूमिका

90 के दशक में नरेंद्र मोदी ने आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई थी. इसके बाद उन्हें उस वक्त के बीजेपी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा का संयोजक बनाया गया. ये यात्रा दक्षिण में तमिलनाडु से शुरू होकर श्रीनगर में तिरंगा लहराकर खत्म होनी थी.

… जब मिली अनुशासन की नसीहत

नरेंद्र मोदी के शानदार मैनेजमेंट में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा बहुत कामयाब हुई, लेकिन एक दिन जोशी नरेंद्र मोदी पर भड़क गए. दरअसल तय ये हुआ था कि राष्ट्रीय नेताओं और सभी कार्यकर्ताओं को खाना साथ खाना था. लेकिन बंगलुरू में नरेंद्र मोदी अनंत कुमार के साथ गायब हो गए. जोशी इस पर बहुत नाराज हुए. सुबह उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने मोदी को कड़ी फटकार लगाते हुए अनुशासन में रहने की नसीहत दे डाली.

जोशी की एकता यात्रा के बाद से ही नरेंद्र मोदी की महात्वाकांक्षाएं बढ़ने लगीं. मोदी को लगने लगा कि उन्हें गुजरात बीजेपी के सीनियर लीडर्स केशुभाई पटेल और शंकर सिंह बाघेला की हैसियत का समझा जाना चाहिए. मोदी का बढ़ता कद शंकर सिंह बाघेला को भी अखरने लगा था.

1995 में जब बीजेपी जीतकर सत्ता में आई तो केशूभाई पटेल को पार्टी ने मुख्यमंत्री बनाया. शंकर सिंह बाघेला ने पार्टी में बगावत कर दी. इस सारे फसाद की जड़ माना गया नरेंद्र मोदी को. तब पार्टी ने नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय सचिव बनाकर गुजरात से दिल्ली रवाना कर दिया. दिल्ली में मोदी 9 अशोक रोड के एक छोटे से कमरे में रहते थे.

अटलजी बनाना चाहते थे मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री

2001 की बात है. एक दिन उस वक्त के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मोदी को बुलाया और बोले- तुम यहां पंजाबी खाना खा खाकर मोटे होते जा रहे हो. अब दिल्ली छोड़ो, यहां से जाओ. मोदी ने पूछा कहां- तो अटलजी बोले गुजरात जाओ और वहां चुनाव लड़ो. मोदी सकपकाकर बोले- मैं गुजरात से छह साल दूर रहा हूं, तमाम मुद्दों से दूर हूं, ये कैसे होगा. खैर थोड़ी देर बाद उन्हें पता चला कि अटलजी उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाकर भेजना चाहते थे.

A Small NaMo Story – Really Impressive Read


Almost everyone who meets Narendra bhai once will say that he/she has long lasting impression of Narendra Bhai on his/her mind. Today I had a very interesting conversation with my friend in USA. We are friends since our US days and he was bachelor. A sharp guy with finance background and committed swayamsevak, he got married with equally sharp girl graduated from IIT. During the height of Ayodhya agitation in mid 90s when they got married, she was totally in opposition of Ram Janmabhoomi agitation. She had family background of Congress. I met her first time when RSS swayamsevak friends in USA gave me send-off party before I returned to India. She joined the program but stood away during “Prarthana”. But she did come to airport with her hubby to say good bye to me.

She eventually became good friend of Jyoti but never compromised on the issue of Sangh/Hindutva. I met her couple of times later during my US visits and she was always very affectionate.

This is the background. Now the real story. Today this friend of mine called from US after long gap. I casually asked him wht’s his wife’s opinion about Narendrabhai. I expected a very strong negative opinion.

To my surprise he said she is big fan of NM. And reason too is quite interesting. Several years back, before he became CM, NM traveled to US and a meeting with #RSS SwawaySevaks and family was organized in someone’s house. Our friend couple went there but as usual she did not join the meeting and instead preferred to sit in other room. After the meeting was over, NM happened to walk to the same room and found this girl reading newspaper. Out of curiosity, he started talking to her. She told him upfront that she did not agree with Hindutva etc and she belonged to Congress. NaMo continued discussion with her, accepting contribution of Congress in pre-independence and early post-independence days and candidly accepted some of our own limitations.

This 15 minute conversation with NaMo 15 years back still had long lasting impression on this lady, which made her NM’s strong supporter.

As a post script, while NaMo’s charisma has undoubtedly played a big role in this event, it is equally true that open-mindedness of this intelligent person too needs to be appreciated. Today, when my friend was talking to me, he told me that his wife is waiving a tea mug at him. That’s a mug I gave her in mid-90s (along with a small tea-table). They have changed house few times since then and now staying in their own sprawling house but they have still kept that mug and tea-table.. We are really blessed to have friends like this couple.

Should Political Parties Come Under RTI Act?

Should political parties come under RTI act? Should people kept in lawful custody be banned from contesting elections of MLA, MP and MLC?

These are the 2 questions many have been asking to us on this page through your comments. Most of them are low IQ AAP trolls who are intolerant & fanatics and as per them, Arvind Kejriwal created the whole universe and is one stop solution for every single problem in this world. We do not entertain such trolls. However there were some mature members who are regular here and have been asking this same question for the last some days, hence we decided to clear what we think of these issues.

Our take is that these 2 rules are extremely important and should be there in force. Any party Congress, BJP or AAP included should be damned to shame if they do not support them or have not implemented them. Now some of the AAP trolls will say AAP is supporting RTI. But the thing is AAP has not implemented RTI in its system so how can you support something when you have not implemented it within your organization? So AAP supporting RTI is as farce as Congress saying we will bring Economy to 10% growth or for BJP to say, we will bring in Uniform Civil Code and banish Article 370. All the parties promise a lot before elections but when they come to power, they forget it. For AAP, it is so easy to promise a lot, but their intentions are clear from the fact that they have not implemented RTI in AAP itself.

Now, In one of our earlier posts we had said that, irrespective of any political party, we would question their hypocrisy be it Congress, BJP, SP, BSP, CPM DMK or AAP. So as of now I would safely say that none of the parties (BJP and AAP) included support RTI for political parties. Their leaders may make tall claims but actions is quite contrasting and it is actions which matter not words.

Now I would come to the original question, should political parties follow these 2 rules? My answer is a FIRM YES.
Should they be cursed and criticized if they oppose to follow these rules? Again a DEFINITE ‘YES’

But in this ‘josh’ (ultra excitement) we forget basic things. There is something known as priority. Right now in the country how many people do you think get 3 meals per day? How many have decent enough Job to satisfy basic needs of food, shelter, clothing, education and entertainment? How many of you can travel between 2 places without having spend 1 hour in traffic jams? If we have trains which can travel at 400 km per hour, we can commute daily to Big cities while staying in nearby cities, thereby saving a lot of money which goes on House Rent due to staying in Big cities. How many of you get proper healthcare and hospital benefits? How many of you get proper safe drinking water? How many of you think that you are safe from Terrorist attacks?

As per Economics Resources are limited and I would rather have the current resources allocated in addressing the above problems and not in RTI or Lokayukta or Lokpal and all that jazz. Clearly, that does not mean political parties should escape transparency, but we MORE IMPORTANT issues to address. It would be a shame that despite having 1.3 billion plus brains, we are forced a sub standard living. So RTI, No criminal in politics etc should definitely come but not at the cost of above things.

Further I have my own reservations on political parties under RTI and not allowing lawful custody to contest elections which I would tell you in sometime. But as of now the only thing is there are lot of people who would try to mislead you. Do not fall into their trap. Now whenever your local politicians/candidates come to you, don’t ask them, “WHAT THEY WILL DO” rather ask them “WHAT THEY HAVE DONE TILL NOW” and being in power has no bearing to this question. We the people of India should set the agenda for politicians in elections and not the other way around so ask these politicians what they have done to achieve above mentioned points, along with some other development related problem at your local level.

Health Benefits Of Salt

नमक का ये आसान प्रयोग कर देगा हर तरह के बुखार की छुट्टी ——–

बदलते मौसम में बुखार की चपेट में आना एक आम बात है। कभी वायरल फीवर के नाम पर तो कभी मलेरिया जैसे नामों से यह सभी को अपनी चपेट में ले लेता है। फिर बड़ा आदमी हो या कोई बच्चा इस बीमारी की चपेट में आकर कई परेशानियों से घिर जाते हैं। कई बुखार तो ऐसे हैं जो बहुत दिनों तक आदमी को अपनी चपेट में रखकर उसे पूरी तरह से कमजोर बना देता है। पर घबराइए नहीं सभी तरह के बुखार की एक अचूक दवा है भुना नमक। इसके प्रयोग किसी भी तरह के बुखार को उतार देता है।

भुना नमक बनाने की विधि- खाने मे इस्तेमाल आने वाला सादा नमक लेकर उसे तवे पर डालकर धीमी आंच पर सेकें। जब इसका कलर कॉफी जैसा काला भूरा हो जाए तो उतार कर ठण्डा करें। ठण्डा हो जाने पर एक शीशी में भरकर रखें।जब आपको ये महसूस होने लगे की आपको बुखार आ सकता है तो बुखार आने से पहले एक चाय का चम्मच एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर ले लें। जब आपका बुखार उतर जाए तो एक चम्मच नमक एक बार फिर से लें। ऐसा करने से आपको बुखार कभी पलट कर नहीं आएगा।

विशेष :-

- हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों को यह विधि नहीं अपनानी चाहिए।

- यह प्रयोग एक दम खाली पेट करना चाहिए इसके बाद कुछ खाना नहीं चाहिए और ध्यान रखें कि इस दौरान रोगी को ठण्ड न लगे।

- अगर रोगी को प्यास ज्यादा लगे तो उसे पानी को गर्म कर उसे ठण्डा करके दें।

- इस नुस्खे को अजमाने के बाद रोगी को करीब 48 घंटे तक कुछ खाने को न दें। और उसके बाद उसे दूध चाय या हल्का दलिया बनाकर खिलाऐं।

सादा बुखार

सादे बुखार में उपवास अत्यधिक लाभदायक है। उपवास के बाद पहले थोड़े दिन मूँग लें फिर सामान्य खुराक शुरु करें। ऋषि चरक ने लिखा है कि बुखार में दूध पीना सर्प के विष के समान है अतः दूध का सेवन न करें।

पहला प्रयोगः सोंठ, तुलसी, गुड़ एवं काली मिर्च का 50 मि.ली काढ़ा बनाकर उसमें आधा या 1 नींबू निचोड़कर पीने से सादा बुखार मिटता है।

दूसरा प्रयोगः शरीर में हल्का बुखार रहने पर, थर्मामीटर द्वारा बुखार न बताने पर थकान, अरुचि एवं आलस रहने पर संशमनी की दो-दो गोली सुबह और रात्रि में लें। 7-8 कड़वे नीम के पत्ते तथा 10-12 तुलसी के पत्ते खाने से अथवा पुदीना एवं तुलसी के पत्तों के एक तोला रस में 3 ग्राम शक्कर डालकर पीने से हल्के बुखार में खूब लाभ होता है।

तीसरा प्रयोगः कटुकी, चिरायता एवं इन्द्रजौ प्रत्येक की 2 से 5 ग्राम को 100 से 400 मि.ली. पानी में उबालकर 10 से 50 मि.ली. कर दें। यह काढ़ा बुखार की रामबाण दवा है।

चौथा प्रयोगः बुखार में करेले की सब्जी लाभकारी है।

पाँचवाँ प्रयोगः मौठ या मौठ की दाल का सूप बनाकर पीने से बुखार मिटता है। उस सूप में हरी धनिया तथा मिश्री डालने से मुँह अथवा मल द्वारा निकलता खून बन्द हो जाता है।

Rupee vs Dollar – Real Reason For Decline In Rupee’s Value


Real story of American Dollar v/s Indian Rupee
(Very Interesting Article MUST SHARE)
An Advice to all who are worrying about fall of Indian Rupee

Throughout the country please stop using cars except for emergency for only seven days (Just 7 days)

Definitely Dollar rate will come down. This is true. The value to
dollar is given by petrol only.This is called Derivative Trading.
America has stopped valuing its Dollar with Gold 70 years ago.

Americans understood that Petrol is equally valuable as Gold so they
made Agreement with all the Middle East countries to sell petrol in
Dollars only. That is why Americans print their Dollar as legal tender
for debts. This mean if you don’t like their American Dollar and go to
their Governor and ask for repayment in form of Gold,as in India they
won’t give you Gold.

You observe Indian Rupee, ” I promise to
pay the bearer…” is clearly printed along with the signature of
Reserve Bank Governor. This mean, if you don’t like Indian Rupee and ask
for repayment,Reserve Bank of India will pay you back an equal value of
gold.(Actually there may be minor differences in the Transaction
dealing rules, but for easy comprehension I am explaining this)

Let us see an example. Indian petroleum minister goes to Middle East
country to purchase petrol, the Middle East petrol bunk people will say
that liter petrol is one Dollar.
But Indians won’t have dollars.
They have Indian Rupees. So what to do now? So That Indian Minister will
ask America to give Dollars. American Federal Reserve will take a white
paper , print Dollars on it and give it to the Indian Minister. Like
this we get dollars , pay it to petrol bunks and buy petrol.

But there is a fraud here. If you change your mind and want to give back
the Dollars to America we can’t demand them to pay Gold in return for
the Dollars. They will say ” Have we promised to return something back
to you? Haven’t you checked the Dollar ? We clearly printed on the
Dollar that it is Debt”
So, Americans don’t need any Gold with them to print Dollars. They will print Dollars on white papers as they like.

But what will Americans give to the Middle East countries for selling petrol in Dollars only?

Middle East kings pay rent to America for protecting their kings and
heirs. Similarly they are still paying back the Debt to America for
constructing Roads and Buildings in their countries. This is the value
of American Dollar. That is why Many say some day the Dollar will be

At present the problem of India is the result of
buying those American Dollars. American white papers are equal to Indian
Gold. So if we reduce the consumption of petrol and cars, Dollar will
come down

The Above Details are translated originally from Telugu Language to English by Radhika Gr.
Kindly share this and make everyone aware of the facts of American Dollar V/s Indian Rupee.

And here is a small thing other than petrol , what we can do to our Indian Rupee


Please spare a couple of minutes here for the sake of India.
Here’s a small example:-

At 2008 August month 1 US $ = INR Rs 39.40
At 2013 August  now 1 $ = INR Rs 62

Do you think US Economy is booming? No, but Indian Economy is Going Down.

Our economy is in your hands.INDIAN economy is in a crisis. Our country
like many other ASIAN countries, is undergoing a severe economic
crunch. Many INDIAN industries are closing down. The INDIAN economy is
in a crisis and if we do not take proper steps to control those, we will
be in a critical situation. More than 30,000 crore rupees of foreign
exchange are being siphoned out of our country on products such as
cosmetics, snacks, tea, beverages, etc. which are grown, produced and
consumed here.

A cold drink that costs only 70 / 80 paise to
produce, is sold for Rs.9 and a major chunk of profits from these are
sent abroad. This is a serious drain on INDIAN economy. We have nothing
against Multinational companies, but to protect our own interest we
request everybody to use INDIAN products only at least for the next two
years. With the rise in petrol prices, if we do not do this, the Rupee
will devalue further and we will end up paying much more for the same
products in the near future.

What you can do about it?
only products manufactured by WHOLLY INDIAN COMPANIES.Each individual
should become a leader for this awareness. This is the only way to save
our country from severe economic crisis. You don’t need to give-up your
lifestyle. You just need to choose an alternate product.

etc. all you need to do is buy Indian Goods and Make sure Indian rupee
is not crossing outside India.

Every INDIAN product you buy makes a big difference. It saves INDIA. Let us take a firm decision today.

we are not anti-multinational. we are trying to save our nation. every
day is a struggle for a real freedom. we achieved our independence after
losing many lives.
they died painfully to ensure that we live peacefully. the current trend is very threatening.

multinationals call it globalization of indian economy. for indians
like you and me, it is re-colonization of india. the colonist’s left
india then. but this time, they will make sure they don’t make any

russia, s.korea, mexico – the list is very long!! let
us learn from their experience and from our history. let us do the duty
of every true indian. finally, it’s obvious that you can’t give up all
of the items mentioned above. so give up at least one item for the sake
of our country!

We would be sending useless forwards to our
friends daily. Instead, please forward this to all your friends to
create awareness.

Save Electricity – Lighting


There are many ways you can help the environment and save electricity. The major one is Lighting. The most electricity which is consumed in the world is done for lighting. Here are the ways you can save electricity on lighting:

  • Natural Light: Sun provides light for free and is renewable, so use sun’s light as much as possible. If you open up the curtains and use the natural light you will use a lot less electricity then use normally do.
  • Bulbs: Use CFL and LED bulbs instead regular light bulbs.
  • Turn Off: Always turn off the lights when not in use.